Es Dhammo Sanantano Vol. 1 एस धम्मो सनंतनो भाग एक
Es Dhammo Sanantano Vol. 1 एस धम्मो सनंतनो भाग एक
10.07.2026 • 13 Std. 55 Min.
'एस धम्मो सनंतनो' भाग एक में ओशो बुद्ध के धम्मपद के कालजयी सूत्रों को जीवंत और समकालीन संदर्भ में प्रस्तुत करते हैं। लगभग 2500 वर्ष पहले कहे गए ये सूत्र आज भी मनुष्य को जागरण, ध्यान और आंतरिक रूपांतरण की ओर ले जाने वाले गहरे संकेत हैं। ओशो धम्मपद को किसी धार्मिक सिद्धांत या दार्शनिक विचार के रूप में नहीं, बल्कि चेतना को जगाने की एक जीवंत प्रक्रिया के रूप में देखते हैं। इन दस प्रवचनों में वे अवैर, सद्गुरु, ध्यान, अकंप चैतन्य, वर्तमान में जागकर जीने, प्रेम और अहंकार के विसर्जन जैसे विषयों की गहराई में उतरते हैं। ओशो की दृष्टि में बुद्ध के सूत्र केवल समझने या मानने के लिए नहीं हैं—वे जीने और अनुभव करने के लिए हैं। उनकी व्याख्या बुद्ध की प्राचीन वाणी को आधुनिक मनुष्य के लिए सहज, प्रासंगिक और रूपांतरणकारी बना देती है। यह पहला भाग बुद्ध की जागरण-दृष्टि की यात्रा का आरंभ है—बेहोशी से होश की ओर, आसक्ति से स्वतंत्रता की ओर और मन से ध्यान की ओर। इस भाग के प्रवचन: - आत्मक्रांति का प्रथम सूत्र : अवैर - अस्तित्व की विरलतम घटना : सदगुरु - ध्यानाच्छादित अंतर्लोक में राग को राह नहीं - अकंप चैतन्य ही ध्यान - बुद्धपुरुष स्वयं प्रमाण है ईश्वर का - 'आज' के गर्भाशय से 'कल' का जन्म - जागकर जीना अमृत में जीना है - प्रेम है महामृत्यु - यात्री, यात्रा, गंतव्य : तुम्हीं - देखा तो हर मुकाम तेरी रहगुजर में है This Hindi-language audiobook is the first volume of Osho's major series of talks on the Dhammapada. Across ten talks, Osho explores the Buddha's timeless insights into awareness, meditation, love, freedom from attachment, and inner transformation. © (P) OSHO International Foundation